Posts

Showing posts from June, 2020

Stay Home, Stay Safe (घर मे रहे, सुरक्षित रहे)

हर कोई कह रहा है ? घर में रहे, सुरक्षित रहे।  परन्तु जो असुरक्षित तरीके से बाहर घूम रहे है, उनका क्या वो खुद तो मरेंगे, और घर मे रहने वालो को भी लेकर मरेंगे। एक बात सभी को पता है कि जो कुत्ता पालता है, कुत्ता उसे नही बल्कि दुसरो को काटता है। परन्तु ये रोड़ो पर फोकट घूमने वाले ये नही समझ रहे है कि कोरोना वाइरस नामक कुत्ता  एक ऐसा कुत्ता है, जिसने पालने वालो को ही सबसे पहले कांटा, और ये भी नही जानते है कि जिस प्रकार बिजली की रिश्तेदारी किसी से नही होती है, वह रात दिन उसी के साथ काम करने वाले को भी झटका देने में देर नही करती है। ठीक उसी बिजली की राजनीति की तर्ज पर कोरोना वाइरस भी किसी से रिश्तेदारी नही पाल रहा है, और किसी भी धर्म, जाति, या सम्प्रदाय का व्यक्ति हो सभी को अपनी चपेट में ले रहा है। इससे सभी बचे, घर मे रहे, सुरक्षित रहे, और अपनी सही सूझ बूझ का परिचायक बने। अभी यदि सरकार सारा लोकडाउन खोल दे तो हमे ही समझना पड़ेगा कि क्या करना है, और क्या नही करना है। लोकडाउन वाइरस खत्म होने पर ही खुलेगा ऐसा भी नही होगा। लोकडाउन खत्म होते ही वाइरस खत्म हो जाएगा ऐसा भी नही होगा। जिनती जल्...

Self reliant india (आत्मनिर्भर भारत )

भारत की वो जनता है,  जो १०० रुपये रोज में भी अपने दिन का गुजारा कर लेती है।  परन्तु इन्हें जब कोई मदद, दान, सहयोग या सेवा भाव से कोई कुछ देता है, तो इन्हें 1000 रुपए भी कम लगते है, कम पड़ते है। ऐसी सौच रखने वालों को समझना होगा कि जब आप अपनी मेहनत के 100 में गुजारा कर सकते थे तो आपको दूसरों के मेहनत के 1000 भी कम लगते है। क्योकि मेहनत के 100 रु से भी मन मे सन्तुष्टी प्राप्त हो जाती है। और अगर आपको आत्म निर्भर बनना है तो या तो आप अपनी मेहनत की क्षमता को बढ़ाये या आवश्यकता को घटाए, आवश्यकता नही घटा सकते है तो अपनी मेहनत को बढ़ाना पड़ेगा, अगर आप इन दोनो में से एक काम नही कर पाएंगे तो आप कभी भी आत्मनिर्भर नही बन पाएंगे। कोई भी व्यक्ति हमेशा दान देने वाले को याद रखता है, दान लेने वाले को नही। महाभारत के कर्ण को दानवीर कहा जाता था और आज भी उसे याद किया जाता है।  और कर्ण के नाम से लोगो को उपमा भी दी जाती है, क्योकि वो दान देता था लेता नही था। जब आप आत्मनिर्भर बनेंगे तभी किसी को दान देने लायक बनेंगे, और इतिहास में आपको भी याद किया जाएगा, इतिहास भी देने वाले को गर्व से याद करता है। वरन...

Inspiring Motivational Thoughts (प्रेरक विचार)

Image

Mi Lifestyle Brand & Product

Image
निम्न श्रेणी जिनके उत्पाद ऑनलाइन ओर ऑफलाइन उपलब्ध है।  Health Care Capsule Care Elixir and Syrup Care Nutrition Care Fitness Care Energy Care Weight Care Personal Care Body Care Hair Care Oral Care Curative Care Skin Care Women Care Agro Care Plant Care Home Care Kitchen Care Fabric Care Lavatory Care Floor Care Food and Gourmet  Refreshment Spices Fashion Perfection   Brand Brand  Mi Lifestyle Marketing Pvt. Ltd के Distributorship लेने के लिए संपर्क करें। Whatsapp नंबर +91-9713299132 पर। 

Motivational Quotes

1. जीने के लिए खाना है, खाने के लिए नही जीना।  ..........*****.......... 2. जीना है, तो खाना है।   ..........*****.......... 3. आलसी लोग खाने के लिए जीते है, जीने के लिए नही खाते । ..........*****.......... 4. पेट भी भरना पड़ेगा, काम भी करना पड़ेगा।   ..........*****.......... सफलता पाने के लिए जेब में गांधी हो या ना हो, लेकिन सीने मे आंधी होना चाहिए। कोशिश ऐसी करो की हारते हारते कब जीत जाओ पता भी ना चले। 

घर का स्वर्ग (Home paradise)

Image
घर का स्वर्ग -  प्रेरक कहानी अच्छे अच्छे महलों मे भी एक दिन कबूतर अपना घोंसला बना लेते है ... सेठ घनश्याम के दो पुत्रों में जायदाद और ज़मीन का बँटवारा चल रहा था , और एक चार बेड रूम के घर को लेकर विवाद गहराता जा रहा था। एक दिन दोनो भाई मरने-मारने पर उतारू हो चले ,   तो पिता जी बहुत जोर से हँसे ,   पिताजी को हँसता देखकर दोनो भाई   लड़ाई को भूल गये और पिताजी से हँसी का कारण पूछा। पिताजी ने कहा-: इस छोटे से ज़मीन के टुकडे के लिये इतना लड़ रहे हो , छोड़ो इसे आओ मेरे साथ एक अनमोल खजाना दिखता हूँ मैं तुम्हे!   पिता घनश्याम जी और दोनो पुत्र पवन और मदन उनके साथ रवाना हुये। पिताजी ने कहा देखो यदि तुम आपस मे लड़े तो फिर मैं तुम्हे उस खजाने तक नही लेकर जाऊँगा और बीच रास्ते से ही लौटकर आ जाऊँगा! अब दोनो पुत्रों ने खजाने के चक्कर मे एक समझौता किया की चाहे कुछ भी हो जाये पर हम लड़ेंगे नही प्रेम से यात्रा पे चलेंगे! गाँव जाने के लिये एक बस मिली पर   सीट दो की मिली , और   वो तीन थे , अब पिताजी के साथ थोड़ी देर पवन बैठे तो थोड़ी देर मद...

आप सभी सम्मान करो (Respect you all)

इंसान होकर के इंसान का , आप सभी सम्मान करो सभी इंसान एक हमारे , मत उसका   नुकसान करो। चाहे इंसान कोई भी हो , मत उसका अपमान करो   जो ग़रीब हो अपना इंसान , धन देके धनवान करो ॥ ............. इंसान होकर के इंसान का , आप सभी सम्मान करो , .............................***................................ हो गरीब इंसान की बेटी , मिलकर कन्या दान करो    अगर इंसान दिखता भूखा , भोजन का इंतजाम करो। अगर इंसान की हो फाईल , शीघ्र काम श्री मान करो इंसान की अटकी हो राशि , शीघ्र आप भुगतान करो॥ ........... इंसान होकर के इंसान का , आप सभी सम्मान करो , ....................................***............................. इंसान को गर कोई सताये , सही की आप पहिचान करो   अगर जरूरत हो इंसान को , घर जाकर श्रम दान करो। अगर मुसीबत में हो इंसान , फौरन मदद का काम करो   बिन घर के कोई मिले इंसान , उसका खड़ा मकान करो॥ ........... इंसान होकर के इंसान का , आप सभी सम्मान करो , ...................................***..................................  केश अदा...

उमा भारती जी के पदचिन्ह (Footprints of uma bharti ji)

Image
परम श्रेध्य उमा भारती जी,  का जन्म आज से 59 साल पहले ग्राम डूंडा, जिला टीकमगढ़, मध्यप्रदेश के एक खुशहाल लोधी राजपूत किसान परिवार में हुआ। पिता गुलाब सिंह लोधी तथा माता बेटी बाई की 6 सन्तानो में उमा सबसे छोटी एवं सबकी लाड़ली थी। उमा जी एक वर्ष की थी की पिता का गंभीर बिमारी से निधन हो गया। पति के निधन से दुखी मां, उमा जी को अपनी गोदी में बिठाकर पंडितों से रामायण एवं गीता सुनती थी। उमा जी तीव्र मेधा एवं स्मृति की धनी थी, इसलिए 6 वर्ष की उम्र होने तक उमा जी को रामायण एवं गीता कंठस्थ हो गए तथा वह स्वयं उन्हें दोहराने लगी।  उनके ग्राम डूंडा के लोग इस बात से भौचक्के थे एवं उन्हें भगवान का अवतार मानने लगे, तथा उमा जी की ख्याति गाँव से बाहर पूरे टीकमगढ़ जिले में फ़ैल गई। गाँव में सरकारी स्कूल था, किन्तु शिक्षक उन्हें पढ़ाने की जगह उन्हें अपने कुर्सी पर बिठाकर, तथा उमा जी से ही क्लास लेने को कहते थे। यह अनोखी चर्चा जिले एवं मध्यप्रदेश के बुद्धिजीवी वर्ग एवं धार्मिक जगत में पहुंची। 1968 से, जब उमा आठवे वर्ष में लगी तो जिले में, मध्यप्रदेश में, एवं मध्यप्रदेश से बाहर...

बदले ज़िंदगी जीने का अंदाज़। Change the way you live life.

Image
प्रथम कहानी दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बनने के बाद ऐक बार  नेल्सन मांडेला अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ एक रेस्तरां में खाना खाने गए! सबने अपनी अपनी पसंद का खाना आर्डर किया और खाना आने का इंतजार करने लगे .................... उसी समय मांडेला की सीट के सामने वाली सीट पर एक व्यक्ति अपने खाने का इंतजार कर रहा था ! मांडेला ने अपने सुरक्षा कर्मी से कहाँ  कि उसे भी अपनी टेबल पर बुला लो ! ऐसा ही हुआ... खाना आने के बाद सभी खाने लगे, वो आदमी भी अपना खाना खाने लगा, पर खाते हुए  उसके हाथ   कांप रहे थे ! खाना खत्म कर वो आदमी सिर झुका कर रेस्तरां से बाहर निकल गया ! उस आदमी के जाने के बाद मंडेला के सुरक्षा अधिकारी ने मंडेला से कहा कि वो व्यक्ति शायद बहुत बीमार था, खाते वख़्त उसके हाथ लगातार कांप रहे थे, और वह ख़ुद भी कांप रहा था ! मांडेला ने कहा नहीं ऐसा नहीं है...  वह उस जेल का जेलर था, जिसमें मुझे कैद रखा गया था ! जब कभी मुझे यातनाएं दी जाती थीं और मै कराहते हुए पानी मांगता था तो ये मेरे ऊपर  पेशाब करता था !  मांडेला ने कहाँ, ...

कोरोना - कोई, रोने वाला, ना बचेगा

Image
भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा कोरोना से भारत देश की लड़ाई (लॉकडाउन) मे जारी की गयी, गाइडलाइन को कविता मे बादल कर आम जन तक पहुचाने का प्रयास कर रहा हूँ।  राजेश कुमार लोधी  ............................................................................... * .............................................................................  ..... कि मोदी जी ने ........... तो बोला है। सेवा के लिए ना सरहद पर जाने का बोला है, ना अपने सीने पर गोली खाने का बोला है। मेरे प्यारे भारत वासियों मोदी जी ने तो सिर्फ,  देश सेवा के लिए घरों में रहने का बोला है।। ना फैले कोरोना संक्रमण स्वस्थ रहें हर जन, इसलिए तो साबुन से हाथ धोने का बोला है। ना बड़ पाये छीक सर्दी खांसी से कोरोना क्षेत्र, इसलिए सभी को मास्क लगाने का बोला है।। .............. देश सेवा के लिए घरों में रहने का बोला है।। छूने से न हो कोई कोरोना का शिकार, इसलिए 2 मीटर दूरी बनाने का बोला है। ईश्वर से बढ़कर है माता पिता अपने लिए, इसलिए घर ...