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Stay Home, Stay Safe (घर मे रहे, सुरक्षित रहे)

हर कोई कह रहा है ? घर में रहे, सुरक्षित रहे।  परन्तु जो असुरक्षित तरीके से बाहर घूम रहे है, उनका क्या वो खुद तो मरेंगे, और घर मे रहने वालो को भी लेकर मरेंगे। एक बात सभी को पता है कि जो कुत्ता पालता है, कुत्ता उसे नही बल्कि दुसरो को काटता है। परन्तु ये रोड़ो पर फोकट घूमने वाले ये नही समझ रहे है कि कोरोना वाइरस नामक कुत्ता  एक ऐसा कुत्ता है, जिसने पालने वालो को ही सबसे पहले कांटा, और ये भी नही जानते है कि जिस प्रकार बिजली की रिश्तेदारी किसी से नही होती है, वह रात दिन उसी के साथ काम करने वाले को भी झटका देने में देर नही करती है। ठीक उसी बिजली की राजनीति की तर्ज पर कोरोना वाइरस भी किसी से रिश्तेदारी नही पाल रहा है, और किसी भी धर्म, जाति, या सम्प्रदाय का व्यक्ति हो सभी को अपनी चपेट में ले रहा है। इससे सभी बचे, घर मे रहे, सुरक्षित रहे, और अपनी सही सूझ बूझ का परिचायक बने। अभी यदि सरकार सारा लोकडाउन खोल दे तो हमे ही समझना पड़ेगा कि क्या करना है, और क्या नही करना है। लोकडाउन वाइरस खत्म होने पर ही खुलेगा ऐसा भी नही होगा। लोकडाउन खत्म होते ही वाइरस खत्म हो जाएगा ऐसा भी नही होगा। जिनती जल्...

Self reliant india (आत्मनिर्भर भारत )

भारत की वो जनता है,  जो १०० रुपये रोज में भी अपने दिन का गुजारा कर लेती है।  परन्तु इन्हें जब कोई मदद, दान, सहयोग या सेवा भाव से कोई कुछ देता है, तो इन्हें 1000 रुपए भी कम लगते है, कम पड़ते है। ऐसी सौच रखने वालों को समझना होगा कि जब आप अपनी मेहनत के 100 में गुजारा कर सकते थे तो आपको दूसरों के मेहनत के 1000 भी कम लगते है। क्योकि मेहनत के 100 रु से भी मन मे सन्तुष्टी प्राप्त हो जाती है। और अगर आपको आत्म निर्भर बनना है तो या तो आप अपनी मेहनत की क्षमता को बढ़ाये या आवश्यकता को घटाए, आवश्यकता नही घटा सकते है तो अपनी मेहनत को बढ़ाना पड़ेगा, अगर आप इन दोनो में से एक काम नही कर पाएंगे तो आप कभी भी आत्मनिर्भर नही बन पाएंगे। कोई भी व्यक्ति हमेशा दान देने वाले को याद रखता है, दान लेने वाले को नही। महाभारत के कर्ण को दानवीर कहा जाता था और आज भी उसे याद किया जाता है।  और कर्ण के नाम से लोगो को उपमा भी दी जाती है, क्योकि वो दान देता था लेता नही था। जब आप आत्मनिर्भर बनेंगे तभी किसी को दान देने लायक बनेंगे, और इतिहास में आपको भी याद किया जाएगा, इतिहास भी देने वाले को गर्व से याद करता है। वरन...

घर का स्वर्ग (Home paradise)

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घर का स्वर्ग -  प्रेरक कहानी अच्छे अच्छे महलों मे भी एक दिन कबूतर अपना घोंसला बना लेते है ... सेठ घनश्याम के दो पुत्रों में जायदाद और ज़मीन का बँटवारा चल रहा था , और एक चार बेड रूम के घर को लेकर विवाद गहराता जा रहा था। एक दिन दोनो भाई मरने-मारने पर उतारू हो चले ,   तो पिता जी बहुत जोर से हँसे ,   पिताजी को हँसता देखकर दोनो भाई   लड़ाई को भूल गये और पिताजी से हँसी का कारण पूछा। पिताजी ने कहा-: इस छोटे से ज़मीन के टुकडे के लिये इतना लड़ रहे हो , छोड़ो इसे आओ मेरे साथ एक अनमोल खजाना दिखता हूँ मैं तुम्हे!   पिता घनश्याम जी और दोनो पुत्र पवन और मदन उनके साथ रवाना हुये। पिताजी ने कहा देखो यदि तुम आपस मे लड़े तो फिर मैं तुम्हे उस खजाने तक नही लेकर जाऊँगा और बीच रास्ते से ही लौटकर आ जाऊँगा! अब दोनो पुत्रों ने खजाने के चक्कर मे एक समझौता किया की चाहे कुछ भी हो जाये पर हम लड़ेंगे नही प्रेम से यात्रा पे चलेंगे! गाँव जाने के लिये एक बस मिली पर   सीट दो की मिली , और   वो तीन थे , अब पिताजी के साथ थोड़ी देर पवन बैठे तो थोड़ी देर मद...

"कड़वी बातें" ( Bitter Things)

"कड़वी बातें" ..............*.............. कहाँ पर बोलना है, और कहाँ पर बोल जाते हैं। जहाँ खामोश रहना है, वहाँ मुँह खोल जाते हैं।। "..... बहुत ऊँची दुकानों में, तो कटाते जेब सब अपनी। मगर मज़दूर माँगेगा, तो सिक्के बोल जाते हैं।। "..... ब्रांडेड विज्ञापनों के चक्कर मे,  तो 100 की चीज 200 मे लाते है । वही सब्जी की बात आए, तो कम कहकर दोबारा तोल जाते है ।। "..... कटा जब शीश सैनिक का, तो हम खामोश रहते हैं। कटा एक सीन पिक्चर का, तो सारे बोल जाते हैं।। "..... अगर मखमल करे गलती, तो कोई कुछ नहीँ कहता। फटी चादर की गलती हो, तो सारे बोल जाते हैं।। "..... हवाओं की तबाही को, तो सभी चुपचाप सहते हैं। च़रागों से हुई गलती, तो सारे बोल जाते हैं।। "..... नयी नस्लों के ये बच्चे, तो जमाने भर की सुनते हैं। मगर माँ बाप कुछ बोले, तो बच्चे बोल जाते हैं।। "..... सोचते है गर्ल फ्रेंड बने नही, तो इज्जत से तक खेल जाते है।  अपनी बहन बेटी की बात आए,  तो सभी के खून खोल जाते है ।। ".....