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आप सभी सम्मान करो (Respect you all)

इंसान होकर के इंसान का , आप सभी सम्मान करो सभी इंसान एक हमारे , मत उसका   नुकसान करो। चाहे इंसान कोई भी हो , मत उसका अपमान करो   जो ग़रीब हो अपना इंसान , धन देके धनवान करो ॥ ............. इंसान होकर के इंसान का , आप सभी सम्मान करो , .............................***................................ हो गरीब इंसान की बेटी , मिलकर कन्या दान करो    अगर इंसान दिखता भूखा , भोजन का इंतजाम करो। अगर इंसान की हो फाईल , शीघ्र काम श्री मान करो इंसान की अटकी हो राशि , शीघ्र आप भुगतान करो॥ ........... इंसान होकर के इंसान का , आप सभी सम्मान करो , ....................................***............................. इंसान को गर कोई सताये , सही की आप पहिचान करो   अगर जरूरत हो इंसान को , घर जाकर श्रम दान करो। अगर मुसीबत में हो इंसान , फौरन मदद का काम करो   बिन घर के कोई मिले इंसान , उसका खड़ा मकान करो॥ ........... इंसान होकर के इंसान का , आप सभी सम्मान करो , ...................................***..................................  केश अदा...

कोरोना - कोई, रोने वाला, ना बचेगा

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भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा कोरोना से भारत देश की लड़ाई (लॉकडाउन) मे जारी की गयी, गाइडलाइन को कविता मे बादल कर आम जन तक पहुचाने का प्रयास कर रहा हूँ।  राजेश कुमार लोधी  ............................................................................... * .............................................................................  ..... कि मोदी जी ने ........... तो बोला है। सेवा के लिए ना सरहद पर जाने का बोला है, ना अपने सीने पर गोली खाने का बोला है। मेरे प्यारे भारत वासियों मोदी जी ने तो सिर्फ,  देश सेवा के लिए घरों में रहने का बोला है।। ना फैले कोरोना संक्रमण स्वस्थ रहें हर जन, इसलिए तो साबुन से हाथ धोने का बोला है। ना बड़ पाये छीक सर्दी खांसी से कोरोना क्षेत्र, इसलिए सभी को मास्क लगाने का बोला है।। .............. देश सेवा के लिए घरों में रहने का बोला है।। छूने से न हो कोई कोरोना का शिकार, इसलिए 2 मीटर दूरी बनाने का बोला है। ईश्वर से बढ़कर है माता पिता अपने लिए, इसलिए घर ...

"कड़वी बातें" ( Bitter Things)

"कड़वी बातें" ..............*.............. कहाँ पर बोलना है, और कहाँ पर बोल जाते हैं। जहाँ खामोश रहना है, वहाँ मुँह खोल जाते हैं।। "..... बहुत ऊँची दुकानों में, तो कटाते जेब सब अपनी। मगर मज़दूर माँगेगा, तो सिक्के बोल जाते हैं।। "..... ब्रांडेड विज्ञापनों के चक्कर मे,  तो 100 की चीज 200 मे लाते है । वही सब्जी की बात आए, तो कम कहकर दोबारा तोल जाते है ।। "..... कटा जब शीश सैनिक का, तो हम खामोश रहते हैं। कटा एक सीन पिक्चर का, तो सारे बोल जाते हैं।। "..... अगर मखमल करे गलती, तो कोई कुछ नहीँ कहता। फटी चादर की गलती हो, तो सारे बोल जाते हैं।। "..... हवाओं की तबाही को, तो सभी चुपचाप सहते हैं। च़रागों से हुई गलती, तो सारे बोल जाते हैं।। "..... नयी नस्लों के ये बच्चे, तो जमाने भर की सुनते हैं। मगर माँ बाप कुछ बोले, तो बच्चे बोल जाते हैं।। "..... सोचते है गर्ल फ्रेंड बने नही, तो इज्जत से तक खेल जाते है।  अपनी बहन बेटी की बात आए,  तो सभी के खून खोल जाते है ।। ".....