लॉकडाउन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा राष्ट्र को संबोधन (Prime Minister Narendra Modi Addresses the Nation)


नमस्ते मेरे प्यारे देशवासियों। 

भारत बासियों को सम्बोधन करते हुये। 
कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई बहुत मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। आप सभी देशवासियों की तपस्या, आपके त्याग की वजह से भारत अब तक कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है। 
आप लोगों ने कष्ट सहकार भी अपने देश को बचाया है। हमारे इस भारतवर्ष को बचाया है, मैं जानता हूं, आपको कितनी दिक्कतें आई है, किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने-जाने की परेशानी, कोई घर - परिवार से दूर है। लेकिन आप देश के खातिर एक अनुसशित सिपाही की तरह, अपने कर्तव्य निभा रहे है। मैं आप सबको आदर पूर्वक नमन करता हूँ। हमारे संविधान मे जिस We the People of India (वी द पीपल ऑफ इंडिया) की शक्ति की बात कही गई है, यही तो है वो। 
बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्म-जयंती पर हम भारत के लोगों की तरफ से अपनी सामूहिक शक्ति का यह प्रदर्शन, यह संकल्प बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि है। बाबा साहब का जीवन हमे, हर चुनौती को अपनी संकल्प शक्ति, और परिश्रम के बलबूते पर, पार करने की निरंतर प्रेरणा देता है। मैं सभी देशवासियों की तरफ से बाबा साहब को नमन करता हूं। साथियों यह देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग त्योहारों का भी समय है। ओर वैसे भी भारत तो उत्सवों से भरा रहता है। उत्सवों से हरा रहता है, उत्सवों के बीच खिलखिलाता रहता है। वैशाखी, पोहेला वैशाख, उथान्डू, पोहाग विभु, विशु के साथ अनेक राज्यों में नये वर्ष की शुरुआत हुई है। लॉकडाउन के इन बंधनों के बीच, मैं देश के लोग, जिस तरह नियमों का पालन कर रहे हैं। जितने संयम से अपने घरों में रहकर त्योहार बड़ी सादगी पूर्ण तरीके से मना रहे हैं। यह सारी बाते बहुत ही प्रेरक हैं। बहुत ही प्रशंसनीय है। मैं नये वर्ष पर आपके, आपके परिवार जन के उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना करता हूँ।
साथियों आज पूरे विश्व में, कोरोना वैश्विक महामारी की जो स्थिति है, हम सब उसे भलीभांति परिचित हैं। अन्य देशों के मुकाबले भारत ने, कैसे अपने यहां संक्रमण को रोकने की प्रयास किये। आप इसके सहभागी भी रहे हैं, और साक्षी भी, जब हमारे यहां कोरोना का एक भी केश नहीं था। उससे पहले ही भारत ने कोरोना प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की, एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी। कोरोना के मरीज 100 तक पाहुचे, उससे पहले ही भारत ने, विदेश से आए हर यात्री के लिए 14 दिन का आइशोंलेशन अनिवार्य कर दिया था, अनेक जगहों पर मॉल हो, थिएटर हो , क्लब हो, जीम हो को बंद करे जा चुके थे। साथियों जब हमारे यहां कोरोना के सिर्फ 550 केस थे। तभी भारत ने 21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन का एक बहुत बड़ा कदम उठा लिया था। भारत ने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया, बल्कि जैसे ही समस्या दिखी वेसे तेजी से फैसले लेकर उसी समय रोकने का भरसक प्रयास किया।

कोरोना ओर लॉकडाउन को आसान भाषा में समझाते हुये। 

साथियों वैसे यह ऐसा संकट है। जिसमे किसी भी देश के साथ तुलना करना उचित नहीं है। लेकिन फिर भी कुछ सच्चाईयों को हम नकार नही सकते। यह भी एक सच्चाई है की अगर दुनिया के बड़े-बड़े समर्थवान देशों में कोरोना से जुड़े आंकड़े देखें, तो उनकी तुलना में भारत बहुत संभली हुई स्थिति में है। महीना, ढेड महीना, पहले कई देश कोरोना संक्रमण के मामले में, एक प्रकार से भारत के बराबर खड़े थे। आज उन देशों में भारत की तुलना में कोरोना के केश, 25 से 30 गुना ज्यादा बढ़ गए हैं। उन देशों में हजारों लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है, भारत में होलिस्टिक अप्रोच न अपनाई होती, इंटीग्रेटेड अप्रोच न अपनाई होती, समय पर तेज फैसले न लिए होते तो, आज भारत की स्थिति क्या होती इसकी कल्पना करते हैं, तो रोंहे खड़े हो जाते हैं लेकिन बीते दिनों के अनुभवों से यह साफ है, कि हमने जो रास्ता चुना है। आज की स्थिति में वही हमारे लिए सही है। सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का बहुत बड़ा लाभ देश को मिला है।
अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें, तो यह महंगा जरूर लगता है, बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है, लेकिन भारतवासियों की जिंदगी के आगे इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती है। सीमित संसाधनों के बीच, भारत जिस मार्ग पर चला है। उस मार्ग की चर्चा आज दुनिया भर में होना बहुत स्वाभाविक है। देश की राज्य सरकारों ने भी, स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की इकाइयों ने भी, इसमें बहुत जिम्मेदारी के साथ काम किया है। चोबीसों घंटे, हर किसी ने, अपना जिम्मा संभालने के लिए प्रयास किया है। और हालत को संभाला भी है, लेकिन साथियों इन सब प्रयासों के बीच कोरोना जिस तरह फेल रहा है। उसने विश्व भर में हेल्थ एक्सपार्ट्स को, और सरकारों को और ज्यादा सतर्क कर दिया। भारत में भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई। अब आगे कैसे बढ़े, हम विजयी कैसे हो, हमारे यहां नुकसान कम से कम कैसे हो, लोगों की दिक्कतें कम कैसे करें। इन बातों को लेकर राज्यों के साथ निरंतर चर्चायेँ की है, और इन सभी चर्चाओं में से एक बात उभर कर के आती है, हर किसी का यही सुझाव आता है। नागरिकों की तरफ से भी यही सुझाब आता है की लॉकडाउन को बड़ाया जाये। कुछ राज्यों की सरकारें तो पहले से ही लॉकडाउन को बड़ाने का फैसला कर चुकी हैं। साथियों सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए, यह तय किया गया है कि भारत में लॉकडाउन को अब 3 मई तक और बढ़ाना पड़ेगा, यही 3 मई तक हम सभी को हर देशवासियों को लॉकडाउन में ही रहना होगा।
इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है। जैसे हम करते आ रहे हैं, मेरी सभी देशवासियों से यह प्रार्थना है। कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है। तो यह हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए, कहीं पर भी, कोरोना से एक भी मरीज की दुखद मृत्यु होती है, तो हमारी चिंता और बढ़नी चाहिए, ओर इसलिए हमें हॉटस्पॉट को इंगित करके, पहले से भी ज्यादा, बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी ही होगी, जिन स्थानो के हॉटस्पॉट्स मे बदलने की आशंका है उस पर भी हमे कड़ी नजर रखनी होगी। कठोर कदम उठाने होंगे । नये हॉटस्पॉट्स का बनना हमारे परिश्रम, और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा। नए संकट पैदा करेगा, इसलिए अगले 1 सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में, कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी।
20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य, को बड़ी बारीकी से परखा जाएगा। वह लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है। उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है। इसका मूल्यांकन लगातार किया जाएगा। जो क्षेत्र इस अग्नि परीक्षा मे सफल होंगे, जो अपने यह हॉटस्पॉट नहीं बड़ने देंगे। और जिनके हॉटस्पॉट में बदलने आशंका भी कम होगी।
वहां पर 30 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति छूट-छाट दी जा सकती है। लेकिन याद रखिए, यह अनुमती स्व-शर्त होगी, बाहर निकालने के नियम बहुत सख्त होंगे, लॉकडाउन के नियम अगर टूटते है, और कोरोना का पेर हमारे इलाके में पड़ता है, तो सारी अनुमति तुरंत वापस ले ली जाएगी। ओर इसलिए ना खुद कोई लापरवाही करनी है। और न ही किसी और को लापरवाही करने देना है। मेरे प्यारे देशवासियों कल इस बारे में सरकार की तरफ से एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी।
26 अप्रैल से चिन्हित क्षेत्रों में सीमित छूट का प्रावधान, हमारे गरीब भाई-बहनों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए किया गया है। जो रोज कमाते हैं रोज की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं। वही मेरा एक बृहत परिवार है, मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में इनके जीवन में आए मुश्किल को कम करना है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से सरकार ने उनकी मदद करने का हर संभव प्रयास किया है। अब  नई गाइडलाइंस बनाते समय भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। इस समय रवि फसल की कटाई का काम भी जारी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर प्रयास कर रही है, कि किसानों को कम से कम दिक्कत हो। साथियों देश में दवा से लेकर के राशन तक पर्याप्त भंडार है। सप्लाई चेन की बाधाएं लगातार दूर की जा रही है। हेल्थ इंफ्रास्ट्राक्चर के मोर्चे पर भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
जहा कोरोना जांच की सिर्फ एक लेब थी वही अब 220 से ज्यदा लेब टेस्टिंग का काम कर रही है। विश्व का अनुभव यह कहता है कि कोरोना के 10-हजार मरीज होने पर 1500-1600 बेड्स की जरूरत होती है। भारत में आज हम 1-लाख से अधिक बेड्स की व्यवस्था कर चुके है। इतना ही नहीं 600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं। सिर्फ कोविड के इलाज के लिए ही काम कर रहे है। इन सुविधाओं को और तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
साथियों आज भारत के पास भले सीमित संसाधन हो, लेकिन मेरा भारत के युवा वेज्ञानिकों से विशेष आग्रह है, की विश्व कल्याण के लिए, मानव कल्याण के लिए,मेरे नोजवान साथियों आप आगे आए। कोरोना की वेक्सिन बनाने का मेरे देश को नोजवान, मेरे देश के वेज्ञानिक बेड़ा उठाए। साथियों हम धेर्य बनाकर रखेंगे। नियमों का पालन करेंगे, तो कोरोना जैसी महामारी को भी परास्त करके ही रहेंगे। इसी विश्वास के साथ मेरी बात समाप्त करने से पहले मे आपका साथ मांग रहा हु। 7 बातों मे आपका साथ। 

भारत बासियों को 7-बातों को बहुत गोर से समझते हुये माननीय मोदी जी। 
1. पहली बात :- अपने घर के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें, विशेषकर ऐसे व्यक्ति जिनको पुरानी बीमारी हो उनकी हमे एक्स्ट्रा केयर करनी है, उन्हे कोरोना से बहुत बचा कर रखना है।
2. दूसरी बात - लॉकडाउन और सोशल डिस्पेंसिंग की लक्ष्मण रेखा का पूरी तरह पालन करें, घर में बने फेस-कवर या मास्क का, वह भी घर में बने हुए उनका अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
3. तीसरी बात - अपनी इमम्युनिटी बढ़ाने के लिए, आयुष मंत्रालय द्वारा जो निर्देश दिये है उसका पालन करें, गर्म पानी का निरंतर सेवन करें।
4. चौथी बात - कोरोना संक्रामण को फेलने से रोकने के लिए आरोग्यसेतु मोबाइल एप्प जरूर डाउनलोड करें, दूसरों को भी इसको डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करें।
5. पाँचवी बात - जितना हो सके गरीब परिवार की देखरेख करें, उनके भोजन की आवश्यकता पूरी करें।
6. छटी बात - आप अपने व्यवसाय, अपने उधयोग में, अपने साथ काम करें लोगों के प्रति संवेदना रखें, किसी को नौकरी से न निकाले।
7. सातवी बात - देश के कोरोना योद्धाओ, हमारे डॉक्टर, नर्सेस, सफाईकर्मी, पुलिसकर्मी, ऐसे सभी कर्मियों का सम्मान करें। आदर पूर्वक उनका गौरव करें। साथियों इन 7 बातों मे आपका साथ, यह सप्तपति विजय प्राप्त करने का मार्ग है। विजय होने का, हमारे लिए निष्ठापूर्वक करने वाला काम है। पूरी निष्ठा के साथ 3 मई तक लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। जहां है वह रहे सुरक्षित रहे, वयं राष्ट्रयेँ जाग्रय हम सभी राष्ट्र को जीवंत ओर जाग्रत बनाए रखेंगे। इसी कामना के साथ मे अपनी बात समाप्त करता हु। आपको, आपके परिवार को उत्तम स्वास्थ्य की कामना की कामनाए करता हूँ, बहुत बहुत धन्यवाद। 

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